ज्ञान निकेतन विट्ठल विहार परिसर दानापुर में भव्यता के साथ विद्यापति उत्सव मनाया गया

ज्ञान निकेतन विट्ठल विहार परिसर दानापुर में भव्यता के साथ विद्यापति उत्सव मनाया गया I इस अवसर पर ज्ञान निकेतन के छात्रों ने नृत्य – संगीत एवं नाटक द्वारा दर्शकों का मनोरंजन किया तो वहीं अंतर – विद्यालयीय विद्यापति – पद गायन प्रतियोगिता द्वारा मैथिल कोकिल महाकवि विद्यापति को उन्ही की रचनाओं से याद किया गया I


कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए ख्यातिप्राप्त मैथिली में कृतभूरि परिश्रम डॉ. इन्द्रकांत झा ने छात्रों में साहित्यिक चेतना की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि आधुनिक परिवेश में संवेदना अत्यंत आवश्यक है I विशिष्टातिथि श्री दिलीप कुमार झा ने विद्यापति की रचनाओं में निहित मानव मूल्यों पर प्रकाश डाला, जिससे भावी समाज सुसंस्कृत होगा I


कार्यक्रम का आरम्भ ‘जय जय भैरवि …’ इस वंदना से हुआ, जिसमें प्रांजल पीयूष, शौर्य , प्रत्युष. अभिनव, आदि ने अपना स्वर दिया I विद्यालय के छात्र आनंद वैभव, हर्ष झा, आदित्य नारायण और प्रियांशु प्रधान ने ‘उगना’ नाटक में अपने अभिनय से दर्शकों को मुग्ध कर दिया तो ‘कनक भूधर शिखरवासिनी’ पर सत्यम राज, आयुष शौर्य, आदित्य राज, ईशान ने मोहक नृत्य प्रस्तुत किया I अंतर – विद्यालयीय विद्यापति पद – गायन प्रतियोगिता भी संपन्न हुई, जिसमें दर्जनों विद्यालय के छात्रों ने भाग लिया I उसमें ये छात्र पुरस्कृत हुए –


स्थान
कनीय वर्ग
वरीय वर्ग
प्रथम
सुमति रुद्रा, बी.डी. पब्लिक स्कूल, पटना
सृजा झा, डी. ए. वी. खगौल, पटना
द्वितीय
सृष्टी प्रिय, ज्ञान निकेतन गर्ल्स स्कूल, पटना
दिव्यांशी, ज्ञान निकेतन गर्ल्स स्कूल,
तृतीय
तेजस्वी, डी.ए.वी. स्कूल, पटना
आभास मिश्रा. संत कैरेंस स्चूल्स्चूल, पटना
सांत्वना
अलका शर्मा, संत डोमिनिक स्कूल, पटना
उर्षिता स्वर्ण, बी. डी. पब्लिक स्कूल, पटना



विद्यालय के निदेशक श्री सायण कुणाल ने विद्यापति को सर्वजन सुलभ कवि कहा और साथ ही मैथिल संस्कृति को जीवंत करने में उनकी रचनाओं को धरोहर माना I प्राचार्य श्री जे. के. मुख़र्जी के प्रेरक वाक्यों से छात्र उत्साहित हुए तो उपाचार्य श्री एस. एम. झा ने छात्रों की साहित्यिक जागरूकता पर बल देते हुए कार्यक्रम की सफलता हेतु सबको धन्यवाद दिया I




